हकीकत ए ईद ग़दीर
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀हकीकत ए ईद ए ग़दीर 🥀* क़िस्त 2 *जंगल दरिंदो का है में बे यार शब करीब,* *घेरे हैं चार सिम्त से बदखुवाह, ले खबर।* ✏️ बिरादरने अहले सुन्नत व अलजमाअत के सच्चे पक्के सुन्नी सही उल अकीदा बरेलवी भाइयों को फकीर डॉ तारीक़ हुसैन की जानिब से अस्सलाम ओ अलैकुम व रहमतुल्लाहि तआला व बाराकाताहू। अहले सुन्नत व अल जमाअत हर दम नए नए फ़ितनों से दो चार होता रहा है। हर बार दुष्मनाने इस्लाम ने मुसलमानों को तोड़ने के लिए नए नए मंसूबे बना कर अहले सुन्नत को तोड़ कर आपस मे लड़ाते रहे है। इन्ही सिलसिले में एक सबसे बदतरीन फिरका रहा अहले तशई रवाफिज़ का। जिसने मआज़ अल्लाह तमाम सहाबा को काफिर तक कहा। खुसूसी तौर पर खोलफ़ा ए राशेदीन में से अव्वलीन ए खलीफा हज़रत अबू बकर, हज़रत ए उमर, व हज़रत ए उस्मान रादियल्लाओ तआला अनहों अजमईन को मआज़ अल्लाह काफिर बल्कि उन पर लान व तान कर अपने सीने की जलन को ठंडा करते रहे हैं। जब इससे भी इनका पेट न भरा तो इनके विसाल के दिन खुशियां मनाने के लिए नई नई बातें गढ़ कर नए नए नाम दे अपने झूठ और निफ़ाक़ को अहले बैत राज़ीयल्लाहु तआला अनहों की जानिब मनसूब करते रहे हैं। जब इनके फ़ितने क...
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